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mahabharat 8.64.2: भगवान श्रीकृष्ण की सहायता से वीर कुन्तीपुत्र अर्जुन ने अपनी ओर आते हुए अश्वत्थामा को तुरन्त रोक दिया, जैसे समुद्र का किनारा उसे आगे बढ़ने से रोक देता है॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 8.64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  8.64.2 
तमापतन्तं सहसा शूर: शौरिसहायवान्।
दधार सहसा पार्थो वेलेव मकरालयम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण की सहायता से वीर कुन्तीपुत्र अर्जुन ने अपनी ओर आते हुए अश्वत्थामा को तुरन्त रोक दिया, जैसे समुद्र का किनारा उसे आगे बढ़ने से रोक देता है॥ 2॥
 
The valiant Arjuna, the son of Kunti, assisted by Lord Krishna, instantly stopped Ashvatthama as he came rushing towards him, just as the shore stops the ocean from advancing.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)