Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.64.10-11: वह रक्तरंजित और भयानक नदी परलोक की ओर बहने वाली नदी थी और अपने प्रवाह में सभी लोगों को बहा ले गई। वहाँ खड़े सभी लोगों ने देखा कि अश्वत्थामा के सभी सारथी अर्जुन के धनुष से छूटे बाणों से युद्धभूमि में मारे गए। स्वयं अश्वत्थामा ने भी उनकी यह दशा देखी। उस समय वह भी परलोक की ओर बहने वाली उस भयानक नदी को बहा ले गया। | mahabharat अध्याय 8.64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह रक्तरंजित और भयानक नदी परलोक की ओर बहने वाली नदी थी और अपने प्रवाह में सभी लोगों को बहा ले गई। वहाँ खड़े सभी लोगों ने देखा कि अश्वत्थामा के सभी सारथी अर्जुन के धनुष से छूटे बाणों से युद्धभूमि में मारे गए। स्वयं अश्वत्थामा ने भी उनकी यह दशा देखी। उस समय वह भी परलोक की ओर बहने वाली उस भयानक नदी को बहा ले गया।
That bloody and terrifying river was a river flowing to the other world and carried away all the people in its flow. All the people standing there saw that all the charioteers of Ashwatthama were killed on the battlefield by the arrows shot from Arjuna's bow. Ashwatthama himself also saw their condition. At that time he also carried away the terrifying river flowing to the other world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥