श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.64.1 
संजय उवाच
द्रौणिस्तु रथवंशेन महता परिवारित:।
अपतत् सहसा राजन् यत्र पार्थो व्यवस्थित:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे राजन! द्रोणपुत्र अश्वत्थामा विशाल रथ सेना से घिरा हुआ अचानक उस स्थान पर आ पहुँचा जहाँ अर्जुन खड़ा था।
 
Sanjaya says: O King! Drona's son Ashwatthama, surrounded by a huge chariot army, suddenly arrived at the place where Arjun was standing.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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