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श्लोक 8.63.d2  |
ध्वजोऽसौ दृश्यते तस्य रोचमानोंऽशुमानिव।
एनं जहि महाबाहो किं ते हत्वा युधिष्ठिरम्॥ ) |
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| अनुवाद |
| महाबाहो! अर्जुन की ध्वजा सूर्य के समान चमकती हुई दिखाई दे रही है। तुम उसे मार डालो, युधिष्ठिर को मारने से तुम्हें क्या लाभ होगा? |
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| ‘Mahabaho! Arjuna's flag is visible shining like the sun. You kill him, what is your benefit in killing Yudhishthira? |
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