श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 63: कर्णद्वारा नकुल-सहदेवसहित युधिष्ठिरकी पराजय एवं पीड़ित होकर युधिष्ठिरका अपनी छावनीमें जाकर विश्राम करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.63.9 
तौ पृथक् शरवर्षाभ्यां राधेयमभ्यवर्षताम्।
नकुल: सहदेवश्च परमं यत्नमास्थितौ॥ ९॥
 
 
अनुवाद
नकुल और सहदेव दोनों भाई अपने-अपने उत्तम प्रयत्नों से राधापुत्र कर्ण पर पृथक-पृथक बाणों की वर्षा करने लगे॥9॥
 
Both brothers Nakul and Sahadev, with the help of their best efforts, started showering separate arrows on Radha's son Karna. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)