श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 63: कर्णद्वारा नकुल-सहदेवसहित युधिष्ठिरकी पराजय एवं पीड़ित होकर युधिष्ठिरका अपनी छावनीमें जाकर विश्राम करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  8.63.3 
अविषह्यं ततो दृष्ट्वा राधेयं युधि योधिन:।
भीमसेनमुपागच्छन् कर्णबाणप्रपीडिता:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
कर्ण के बाणों से बुरी तरह आहत हुए पाण्डव योद्धा, राधापुत्र कर्ण को युद्धस्थल में असह्य दशा में देखकर भीमसेन के पास आये॥3॥
 
The Pandava warriors, who were badly hurt by Karna's arrows, seeing Radha's son Karna in unbearable condition in the battlefield, came to Bhimsen. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)