श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 63: कर्णद्वारा नकुल-सहदेवसहित युधिष्ठिरकी पराजय एवं पीड़ित होकर युधिष्ठिरका अपनी छावनीमें जाकर विश्राम करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  8.63.16 
योद्धव्यमद्य पार्थेन फाल्गुनेन त्वया सह।
किमर्थं धर्मराजेन युध्यसे भृशरोषित:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
कर्ण! आज तुम्हें कुन्तीकुमार अर्जुन के साथ युद्ध करना है। फिर तुम इतने क्रोध में आकर धर्मराज के साथ क्यों युद्ध कर रहे हो?॥16॥
 
‘Karna! Today you have to fight with Kuntikumar Arjun. Then why are you fighting with Dharmaraj in such anger?॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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