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mahabharat 8.63.13: इसी प्रकार पराक्रमी कर्ण ने माद्री के बुद्धिमान पुत्र नकुल के घोड़ों को मार डाला तथा उसके दण्ड और धनुष को भी काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.63: कर्णद्वारा नकुल-सहदेवसहित युधिष्ठिरकी पराजय एवं पीड़ित होकर युधिष्ठिरका अपनी छावनीमें जाकर विश्राम करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 63: कर्णद्वारा नकुल-सहदेवसहित युधिष्ठिरकी पराजय एवं पीड़ित होकर युधिष्ठिरका अपनी छावनीमें जाकर विश्राम करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  8.63.13 
तथैव नकुलस्यापि हयान् हत्वा प्रतापवान्।
ईषां धनुश्च चिच्छेद माद्रीपुत्रस्य धीमत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार पराक्रमी कर्ण ने माद्री के बुद्धिमान पुत्र नकुल के घोड़ों को मार डाला तथा उसके दण्ड और धनुष को भी काट डाला।
 
Similarly, the mighty Karna killed the horses of the intelligent son of Madri, Nakula, and also cut off his staff and bow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)