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mahabharat 8.63.10: इसी प्रकार वीर सारथी पुत्र ने शत्रुओं का दमन करने वाले उन दोनों महाहृदय योद्धाओं को दो तीक्ष्ण भालों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.63: कर्णद्वारा नकुल-सहदेवसहित युधिष्ठिरकी पराजय एवं पीड़ित होकर युधिष्ठिरका अपनी छावनीमें जाकर विश्राम करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 63: कर्णद्वारा नकुल-सहदेवसहित युधिष्ठिरकी पराजय एवं पीड़ित होकर युधिष्ठिरका अपनी छावनीमें जाकर विश्राम करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.63.10 
तथैव तौ प्रत्यविध्यत् सूतपुत्र: प्रतापवान्।
भल्लाभ्यां शितधाराभ्यां महात्मानावरिंदमौ॥ १०॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार वीर सारथी पुत्र ने शत्रुओं का दमन करने वाले उन दोनों महाहृदय योद्धाओं को दो तीक्ष्ण भालों से घायल कर दिया।
 
Similarly, the valiant son of a charioteer wounded those two great-hearted warriors, who were suppressing their enemies, with two sharp-edged spears.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)