अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन करते हुए कर्ण अपनी दोनों भुजाओं को बार-बार हिला रहा था, जो बहुमूल्य रत्नों और स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित थीं तथा लाल चंदन से लिपटी हुई थीं।
Displaying his divine weapons, Karna was repeatedly shaking his two arms, adorned with precious stones and gold ornaments and smeared with red sandalwood. 20 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥