श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 62: युधिष्ठिरपर कौरव-सैनिकोंका आक्रमण  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  8.62.12-13h 
दुर्योधनं च विंशत्या शीघ्रमस्त्रमुदीरयन्॥ १२॥
अविध्यत् तूर्णमभ्येत्य सहदेव: प्रतापवान्।
 
 
अनुवाद
उसी समय महाबली सहदेव आये और उन्होंने शीघ्रतापूर्वक अपने अस्त्र चलाकर दुर्योधन को बीस बाणों से घायल कर दिया।
 
At this very moment the mighty Sahadeva came and, quickly shooting his weapons, pierced Duryodhana with twenty arrows. 12 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)