vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 62: युधिष्ठिरपर कौरव-सैनिकोंका आक्रमण
»
श्लोक 12-13h
श्लोक
8.62.12-13h
दुर्योधनं च विंशत्या शीघ्रमस्त्रमुदीरयन्॥ १२॥
अविध्यत् तूर्णमभ्येत्य सहदेव: प्रतापवान्।
अनुवाद
उसी समय महाबली सहदेव आये और उन्होंने शीघ्रतापूर्वक अपने अस्त्र चलाकर दुर्योधन को बीस बाणों से घायल कर दिया।
At this very moment the mighty Sahadeva came and, quickly shooting his weapons, pierced Duryodhana with twenty arrows. 12 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×