श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक d1-3
 
 
श्लोक  8.61.d1-3 
संजय उवाच
(क्षयस्तेषां महाञ्जातो राजन् दुर्मन्त्रिते तव॥ )
दृष्ट्वा भीमं महाबाहुं सूतपुत्र: प्रतापवान्।
क्रोधरक्तेक्षणो राजन् भीमसेनमुपाद्रवत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! आपकी कुमति के फलस्वरूप ही उन कौरवों का संहार हुआ है। महाराज! महारथी पुत्र पराक्रमी भीमसेन को क्रोध से लाल आँखें करते देख उन्होंने उन पर आक्रमण किया।
 
Sanjaya says - O King! As a result of your bad advice, those Kauravas have been massacred. Maharaj! On seeing the mighty charioteer's son, the powerful Bhimasena, his eyes turning red with anger, he attacked him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)