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mahabharat 8.61.9: राजन! इसी प्रकार आपके पराक्रमी योद्धा भी पाण्डव सेना को मार डालने के लिए बड़े वेग से उसकी ओर दौड़े।   |   mahabharat अध्याय 8.61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.61.9 
तथैव तावका राजन् पाण्डवानामनीकिनीम्।
अभ्यद्रवन्त त्वरिता जिघांसन्तो महारथा:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
राजन! इसी प्रकार आपके पराक्रमी योद्धा भी पाण्डव सेना को मार डालने के लिए बड़े वेग से उसकी ओर दौड़े।
 
King! Similarly, your mighty warriors also ran towards the Pandava army with great speed to kill it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)