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mahabharat 8.61.67-68h: राजा! भीमसेन के प्रहार से सभी हाथी भाग गए। बहुत से हाथी हृदय फटने के कारण भूमि पर गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 8.61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 67-68h
 
 
श्लोक  8.61.67-68h 
ते वध्यमाना भीमेन गजा राजन् विदुद्रुवु:॥ ६७॥
केचिद् विभिन्नहृदया: कुञ्जरा न्यपतन् भुवि।
 
 
अनुवाद
राजा! भीमसेन के प्रहार से सभी हाथी भाग गए। बहुत से हाथी हृदय फटने के कारण भूमि पर गिर पड़े।
 
King! All the elephants fled after being hit by Bhimasena. Many elephants fell to the ground because their hearts were bursting. 67 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)