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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन
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श्लोक 62
श्लोक
8.61.62
ततो भीम: शरशतैर्दुर्योधनममर्षणम्।
विमुखीकृत्य तरसा गजानीकमुपाद्रवत्॥ ६२॥
अनुवाद
उस समय भीमसेन ने सैकड़ों बाणों से क्रोधित दुर्योधन को युद्ध से हटा दिया और हाथियों की उस सेना पर बड़े बल से आक्रमण किया।
At that time Bhimasena turned the angry Duryodhana away from the battle with hundreds of arrows and attacked that army of elephants with great force.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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