Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.61.59: राजा! तत्पश्चात् कृतवर्मा ने युद्धभूमि में उत्तमौजा की छाती पर अचानक प्रहार किया। उत्तमौजा अचेत होकर रथ के पिछले भाग में बैठ गया। | mahabharat अध्याय 8.61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृतवर्मा ततो राजन्नुत्तमौजसमाहवे।
हृदि विव्याध सहसा रथोपस्थ उपाविशत्॥ ५९॥
अनुवाद
राजा! तत्पश्चात् कृतवर्मा ने युद्धभूमि में उत्तमौजा की छाती पर अचानक प्रहार किया। उत्तमौजा अचेत होकर रथ के पिछले भाग में बैठ गया।
King! Thereafter, Kritavarman suddenly struck Uttamauja in the chest on the battlefield. Uttamauja fell unconscious and sat in the rear part of the chariot.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥