श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  8.61.5 
व्यवस्थाप्य महाबाहुस्तव पुत्रस्य वाहिनीम्।
प्रत्युद्ययौ तदा कर्ण: पाण्डवान् युद्धदुर्मदान्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु कर्ण आपके पुत्र की सेना को स्थिर करके युद्ध में व्याकुल पाण्डवों की ओर बढ़ा।
 
The mighty-armed Karna, having steadied your son's army, advanced towards the war-ridden Pandavas. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)