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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  8.61.40 
स दृष्ट्वा प्रद्रुतां सेनां धार्तराष्ट्रस्य सूतज:।
निवारयामास बलादनुसृत्य विशाम्पते॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! दुर्योधन की सेना को भागते देख सूतपुत्र कर्ण ने बलपूर्वक उनका पीछा करके उन्हें रोक लिया।
 
O Prajanath! Seeing Duryodhana's army fleeing, Suta's son Karna chased them forcefully and stopped them. 40.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)