Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.61.33: जिस प्रकार सिंह विशाल हाथी को नियंत्रित कर सकता है, उसी प्रकार हम महाबली धृष्टद्युम्न को नहीं देख पा रहे थे, जो दु:शासन द्वारा बाधित था तथा भागने का भरसक प्रयत्न कर रहा था। | mahabharat अध्याय 8.61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृष्टद्युम्नं न पश्याम घटमानं महाबलम्।
दु:शासनेन संरुद्धं सिंहेनेव महागजम्॥ ३३॥
अनुवाद
जिस प्रकार सिंह विशाल हाथी को नियंत्रित कर सकता है, उसी प्रकार हम महाबली धृष्टद्युम्न को नहीं देख पा रहे थे, जो दु:शासन द्वारा बाधित था तथा भागने का भरसक प्रयत्न कर रहा था।
Just as a lion can control a great elephant, similarly we were unable to see the mighty Dhrishtadyumna who was obstructed by Dushasan and was trying his best to escape as much as he could.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥