Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.61.32: आपके महामनस्वी पुत्र का पराक्रम देखकर युद्धस्थल में उपस्थित सभी योद्धा आश्चर्यचकित हो गये तथा आकाश में सिद्धों और अप्सराओं के समूह भी आश्चर्य करने लगे। | mahabharat अध्याय 8.61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपके महामनस्वी पुत्र का पराक्रम देखकर युद्धस्थल में उपस्थित सभी योद्धा आश्चर्यचकित हो गये तथा आकाश में सिद्धों और अप्सराओं के समूह भी आश्चर्य करने लगे।
Seeing the valour of your great-minded son, all the warriors on the battlefield were astonished and the groups of Siddhas and Apsaras in the sky also started wondering.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥