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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन
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श्लोक 20
श्लोक
8.61.20
तस्य कर्णो हयान् हत्वा सारथिं च त्रिभि: शरै:।
उन्ममाथ ध्वजं चास्य क्षुरप्रेण महारथ:॥ २०॥
अनुवाद
महारथी कर्ण ने तीन बाणों से शिखंडी के घोड़ों को मार डाला, उसके सारथि को भी मार डाला, फिर छुरे से उसकी ध्वजा काट डाली।
Maharathi Karna killed Shikhandi's horses and also killed his charioteer with three arrows. Then he cut off his flag with a razor.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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