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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन
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श्लोक 15
श्लोक
8.61.15
भीमसेन: कुरून् सर्वान् पुत्रांश्च तव मारिष।
सहानीकान् महाबाहुरेक एव न्यवारयत्॥ १५॥
अनुवाद
हे आर्य! महाबाहु भीमसेन ने अकेले ही सेना सहित समस्त कौरवों और आपके पुत्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया॥15॥
O Arya! The mighty-armed Bhimasena alone stopped all the Kauravas along with their army and your sons from advancing. ॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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