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mahabharat 8.61.14: कृपाचार्य ने युद्धभूमि में महान धनुर्धर युधिष्ठिर पर आक्रमण किया और शक्तिशाली कृतवर्मन ने उत्तमौजा पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 8.61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.61.14 
युधामन्युं महेष्वासं गौतमोऽभ्यपतद्रणे।
कृतवर्मा च बलवानुत्तमौजसमाद्रवत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
कृपाचार्य ने युद्धभूमि में महान धनुर्धर युधिष्ठिर पर आक्रमण किया और शक्तिशाली कृतवर्मन ने उत्तमौजा पर आक्रमण किया।
 
Krupacharya attacked the great archer Yudhishthira on the battlefield and the powerful Kritavarman attacked Uttamauja.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)