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mahabharat 8.61.13: सात्यकि ने शकुनि पर, द्रौपदी के पांचों पुत्रों ने अन्य कौरवों पर तथा अश्वत्थामा ने युद्ध में सतर्क रहने वाले महारथी अर्जुन पर आक्रमण किया ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 8.61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  8.61.13 
सात्यकि: शकुनिं चापि द्रौपदेयाश्च कौरवान्।
अर्जुनं च रणे यत्तो द्रोणपुत्रो महारथ:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
सात्यकि ने शकुनि पर, द्रौपदी के पांचों पुत्रों ने अन्य कौरवों पर तथा अश्वत्थामा ने युद्ध में सतर्क रहने वाले महारथी अर्जुन पर आक्रमण किया ॥13॥
 
Satyaki attacked Shakuni, Draupadi's five sons attacked other Kauravas and Ashwatthama, the great warrior who was alert in battle, Arjuna. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)