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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  8.61.11 
शिखण्डी च ययौ कर्णं धृष्टद्युम्न: सुतं तव।
दु:शासनं महाराज महत्या सेनया वृतम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
महाराज! शिखण्डी ने कर्ण पर और धृष्टद्युम्न ने विशाल सेना से घिरे आपके पुत्र दु:शासन पर आक्रमण किया।
 
Maharaj! Shikhandi attacked Karna and Dhrishtadyumna attacked your son Dushasan who was surrounded by a huge army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)