Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.61.10: हे सिंहराज! रथ, हाथी, घोड़े, पैदल और ध्वजाओं से युक्त वह सम्पूर्ण सेना अद्भुत लग रही थी।   |   mahabharat अध्याय 8.61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 61: कर्णद्वारा शिखण्डीकी पराजय, धृष्टद्युम्न और दु:शासनका तथा वृषसेन और नकुलका युद्ध, सहदेवद्वारा उलूककी तथा सात्यकिद्वारा शकुनिकी पराजय, कृपाचार्यद्वारा युधामन्युकी एवं कृतवर्माद्वारा उत्तमौजाकी पराजय तथा भीमसेनद्वारा दुर्योधनकी पराजय, गजसेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.61.10 
रथनागाश्वकलिलं पत्तिध्वजसमाकुलम्।
बभूव पुरुषव्याघ्र सैन्यमद्भुतदर्शनम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे सिंहराज! रथ, हाथी, घोड़े, पैदल और ध्वजाओं से युक्त वह सम्पूर्ण सेना अद्भुत लग रही थी।
 
O lion man! That whole army, consisting of chariots, elephants, horses, foot soldiers and flags, looked wonderful. 10.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)