सिंह-पुरुष पार्थ ने अपने मुड़े हुए बाणों से दुर्योधन की चतुर्भुजी सेना को नष्ट कर दिया।
The lion-man Partha destroyed the four-fold army of Duryodhana with his arrows having bent tips.
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि कृष्णार्जुनसंवादे षष्टितमोऽध्याय:॥ ६०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें श्रीकृष्ण और अर्जुनका संवादविषयक साठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६०॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके ४ श्लोक मिलाकर कुल ९६ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥