Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.60.88: जैसे सिंह से भयभीत होकर अन्य मृगों को शान्ति नहीं मिलती, वैसे ही भीमसेन के बाणों से भयभीत हुए कौरव सैनिक रणभूमि में किसी प्रकार भी शान्ति नहीं पा रहे हैं ॥88॥ | mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे सिंह से भयभीत होकर अन्य मृगों को शान्ति नहीं मिलती, वैसे ही भीमसेन के बाणों से भयभीत हुए कौरव सैनिक रणभूमि में किसी प्रकार भी शान्ति नहीं पा रहे हैं ॥88॥
Just as other deer cannot find peace when they are frightened by a lion, similarly the Kaurava soldiers, frightened by Bhimasena's arrows, are not finding any comfort in the battlefield. ॥ 88॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥