Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.60.7: देखो, जैसे अमृत चुराने की इच्छा रखने वाले राक्षसों को इन्द्र और अग्नि ने बार-बार रोका था, उसी प्रकार ये दुर्योधन के सैनिक सात्यकि और भीमसेन के द्वारा रोके जाने पर पुनः उठ खड़े हुए हैं। | mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देखो, जैसे अमृत चुराने की इच्छा रखने वाले राक्षसों को इन्द्र और अग्नि ने बार-बार रोका था, उसी प्रकार ये दुर्योधन के सैनिक सात्यकि और भीमसेन के द्वारा रोके जाने पर पुनः उठ खड़े हुए हैं।
Look, just as the demons who wanted to steal the nectar were stopped again and again by Indra and Agni, similarly these soldiers of Duryodhana have stood up again after being blocked by Satyaki and Bhimasena.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥