श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 54-55h
 
 
श्लोक  8.60.54-55h 
निकृत्यैतद्रथानीकं बलिनं लोकविश्रुतम्॥ ५४॥
सूतपुत्रं महेष्वासं दर्शयात्मानमात्मना।
 
 
अनुवाद
इस रथसेना का संहार करके तुम विश्वविख्यात महाधनुर्धर एवं बलवान सूतपुत्र कर्ण के समक्ष प्रकट हो जाओ॥54 1/2॥
 
After killing this army of chariots, reveal yourself to Karna, the world famous great archer and the strong son of Suta. 54 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)