श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  8.60.38-39h 
अभिद्रवत भद्रं वो द्रुतं द्रवत कौरवा:।
यथा जीवन्न व: कश्चिन्मुच्येत युधि सृञ्जय:॥ ३८॥
तथा कुरुत संयत्ता वयं यास्याम पृष्ठत:।
 
 
अनुवाद
कौरवों! तुम्हारा कल्याण हो। दौड़ो और बड़े ज़ोर से हमला करो। सावधान रहो और इस युद्धभूमि में तुम्हारे हाथों से कोई संजय जीवित न छूटने पाए, इसका ध्यान रखो। हम सब तुम्हारा पीछा करेंगे।
 
‘Kauravas! May you be blessed. Run and attack with great force. Be cautious and try to ensure that no Sanjaya escapes alive from your hands in this battlefield. We all will follow you.’
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)