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mahabharat 8.60.32: वह राधापुत्र कर्ण भीमसेन के रथ पर आक्रमण कर रहा है और सैकड़ों बाणों की वर्षा से आपकी सेना को नष्ट कर रहा है।   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  8.60.32 
असौ धावति राधेयो भीमसेनरथं प्रति।
किरञ्शरशतान्येव विनिघ्नंस्तव वाहिनीम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
वह राधापुत्र कर्ण भीमसेन के रथ पर आक्रमण कर रहा है और सैकड़ों बाणों की वर्षा से आपकी सेना को नष्ट कर रहा है।
 
That Radha's son Karna is attacking Bhimasena's chariot, destroying your army with a shower of hundreds of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)