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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  8.60.3 
तं चानुयान्ति संरब्धा: पञ्चाला युद्धदुर्मदा:।
युधिष्ठिरं महात्मानं परीप्सन्तो महाबला:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
क्रोध और रोष से भरे हुए पराक्रमी पांचाल सैनिक महान युधिष्ठिर की रक्षा कर रहे हैं और उनके साथ चल रहे हैं।
 
The mighty Panchala soldiers, full of anger and fury, are protecting the great Yudhishthira and accompanying him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)