श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  8.60.29 
एते भारत मातङ्गा: कर्णेनाभिहता: शरै:।
आर्तनादान् विकुर्वाणा विद्रवन्ति दिशो दश॥ २९॥
 
 
अनुवाद
भरत! कर्ण के बाणों से मारे गए ये पागल हाथी पीड़ा से चिल्लाते हुए सब दिशाओं में भाग रहे हैं।
 
Bharata! These mad elephants killed by Karna's arrows are running in all directions crying in pain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)