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mahabharat 8.60.2: पाण्डुनन्दन! यह आपके भाई कुन्तीकुमार युधिष्ठिर हैं, जिन्हें मार डालने की इच्छा से महाधनुर्धर धृतराष्ट्रपुत्र शीघ्रता से पीछा कर रहे हैं॥2॥   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  8.60.2 
एष पाण्डव ते भ्राता धार्तराष्ट्रैर्महाबलै:।
जिघांसुभिर्महेष्वासैर्द्रुतं पार्थोऽनुसार्यते॥ २॥
 
 
अनुवाद
पाण्डुनन्दन! यह आपके भाई कुन्तीकुमार युधिष्ठिर हैं, जिन्हें मार डालने की इच्छा से महाधनुर्धर धृतराष्ट्रपुत्र शीघ्रता से पीछा कर रहे हैं॥2॥
 
Pandunandan! This is your brother Kuntikumar Yudhishthir, whom the mighty great archer Dhritarashtra's son is quickly pursuing with the desire to kill him. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)