Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.60.17: भरतवंशी रत्न राजा युधिष्ठिर व्रत के कारण अत्यन्त दुर्बल हो गए हैं। वे ब्रह्मबल में स्थित हैं और क्षात्रबल प्रदर्शित करने में समर्थ नहीं हैं।॥17॥ | mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उपवासकृशो राजा भृशं भरतसत्तम:।
ब्राह्मे बले स्थितो ह्येष न क्षात्रे हि बले विभु:॥ १७॥
अनुवाद
भरतवंशी रत्न राजा युधिष्ठिर व्रत के कारण अत्यन्त दुर्बल हो गए हैं। वे ब्रह्मबल में स्थित हैं और क्षात्रबल प्रदर्शित करने में समर्थ नहीं हैं।॥17॥
‘King Yudhishthira, the jewel of the Bharat clan, has become very weak due to fasting. He is situated in Brahmabal and is not capable of displaying Kshatrabal.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥