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mahabharat 8.60.14: कर्ण ने शत्रुओं को पीड़ा देने वाले, शीघ्र कार्य करने वाले, बलवान, विद्वान और युद्ध में कुशल राजा युधिष्ठिर को युद्ध से विमुख कर दिया है॥ 14॥   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.60.14 
कर्णेन च कृतो राजा विमुख: शत्रुतापन:।
बलवाँल्लघुहस्तश्च कृती युद्धविशारद:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
कर्ण ने शत्रुओं को पीड़ा देने वाले, शीघ्र कार्य करने वाले, बलवान, विद्वान और युद्ध में कुशल राजा युधिष्ठिर को युद्ध से विमुख कर दिया है॥ 14॥
 
Karna has turned King Yudhishthira, who is a tormentor of enemies, swift in his actions, powerful, learned and skilled in warfare, away from the battle.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)