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श्लोक 8.6.d1  |
(पाण्डॺराजश्च विक्रान्तो बलवान् बाहुशालिना।
अश्वत्थाम्ना हतस्तत्र गमितो वै यमक्षयम्॥ ) |
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| अनुवाद |
| अपनी भुजाओं के बल से विभूषित अश्वत्थामा ने बलवान एवं पराक्रमी पाण्डराज को मारकर यमलोक भेज दिया। |
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| Ashwatthama, who was adorned with the power of his arms, killed the strong and mighty Pandaraja and sent him to Yamalok. |
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