|
| |
| |
श्लोक 8.6.39  |
एते चान्ये च बहव: पाण्डवानां महारथा:।
हता द्रोणेन विक्रम्य यन्मां त्वं परिपृच्छसि॥ ३९॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| ये तथा अन्य अनेक पाण्डव योद्धा, जिनके विषय में तुम मुझसे पूछ रहे थे, द्रोणाचार्य ने बलपूर्वक मार डाले थे। |
| |
| These and many other Pandava warriors, about whom you were asking me, were forcibly killed by Dronacharya. 39. |
| |
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संजयवाक्ये षष्ठोऽध्याय:॥ ६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संजय-वाक्यविषयक छठा अध्याय पूरा हुआ॥ ६॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ श्लोक मिलाकर कुल ४० श्लोक हैं।) |
| |
| ✨ ai-generated |
| |
|