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mahabharat 8.6.32-33: कुरुश्रेष्ठ! सेनाविन्दु भी युद्ध में शत्रुओं का संहार करके मर गया। शिशुपाल के पुत्र राजा सुकेतु भी युद्ध में शत्रु सैनिकों का संहार करके स्वयं द्रोणाचार्य के हाथों मारा गया। 32-33॥   |   mahabharat अध्याय 8.6: कौरवोंद्वारा मारे गये प्रधान-प्रधान पाण्डव-पक्षके वीरोंका परिचय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 6: कौरवोंद्वारा मारे गये प्रधान-प्रधान पाण्डव-पक्षके वीरोंका परिचय  »  श्लोक 32-33
 
 
श्लोक  8.6.32-33 
सेनाबिन्दु: कुरुश्रेष्ठ कृत्वा कदनमाहवे॥ ३२॥
पुत्रस्तु शिशुपालस्य सुकेतु: पृथिवीपति:।
निहत्य शात्रवान् संख्ये द्रोणेन निहतो युधि॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
कुरुश्रेष्ठ! सेनाविन्दु भी युद्ध में शत्रुओं का संहार करके मर गया। शिशुपाल के पुत्र राजा सुकेतु भी युद्ध में शत्रु सैनिकों का संहार करके स्वयं द्रोणाचार्य के हाथों मारा गया। 32-33॥
 
Kurushrestha! Senavindu also died after killing his enemies in the war. King Suketu, son of Shishupala, also killed the enemy soldiers in the war and was himself killed by Dronacharya. 32-33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)