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mahabharat 8.6.13-14h: युद्ध में उन्मत्त होकर लड़ने वाले राजाओं ने अपने आदरणीय मित्रों और दण्ड देने वालों के प्रति वीरता दिखाई। वे दोनों ही युद्ध में द्रोणाचार्य के द्वारा मारे गए ॥13 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.6: कौरवोंद्वारा मारे गये प्रधान-प्रधान पाण्डव-पक्षके वीरोंका परिचय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 6: कौरवोंद्वारा मारे गये प्रधान-प्रधान पाण्डव-पक्षके वीरोंका परिचय  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  8.6.13-14h 
मणिमान् दण्डधारश्च राजानौ युद्धदुर्मदौ॥ १३॥
पराक्रमन्तौ मित्रार्थे द्रोणेन युधि पातितौ।
 
 
अनुवाद
युद्ध में उन्मत्त होकर लड़ने वाले राजाओं ने अपने आदरणीय मित्रों और दण्ड देने वालों के प्रति वीरता दिखाई। वे दोनों ही युद्ध में द्रोणाचार्य के द्वारा मारे गए ॥13 1/2॥
 
The kings who fought frantically in battle displayed valor for their respected friends and the punishers. Both of them were killed by Dronacharya in the war. 13 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)