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श्लोक 8.6.12-13h  |
बृहन्त: सुमहेष्वास: कृतास्त्रो युद्धदुर्मद:॥ १२॥
दु:शासनेन विक्रम्य गमितो यमसादनम्। |
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| अनुवाद |
| अस्त्रविद्या में निपुण महाधनुर्धर बृहन्त को दुःशासन ने बलपूर्वक यमलोक भेज दिया । 12 1/2॥ |
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| The great archer Brihant, an expert in weaponry, was forcefully sent to Yamalok by Dushasana. 12 1/2॥ |
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