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mahabharat 8.59.8-9: तब महाबली कर्ण ने अपने उत्तम विजय नामक धनुष को हिलाकर धृष्टद्युम्न के धनुष और उसके विषैले सर्प के समान विषैले बाणों को काट डाला। फिर क्रोध में भरकर उसने धृष्टद्युम्न को नौ बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.59: धृष्टद्युम्न और कर्णका युद्ध, अश्वत्थामाका धृष्टद्युम्नपर आक्रमण तथा अर्जुनके द्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा और अश्वत्थामाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 59: धृष्टद्युम्न और कर्णका युद्ध, अश्वत्थामाका धृष्टद्युम्नपर आक्रमण तथा अर्जुनके द्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा और अश्वत्थामाकी पराजय  »  श्लोक 8-9
 
 
श्लोक  8.59.8-9 
विजयं च धनु: श्रेष्ठं विधुन्वानो महारथ:॥ ८॥
पार्षतस्य धनुश्छित्त्वा शरांश्चाशीविषोपमान्।
ताडयामास संक्रुद्ध: पार्षतं नवभि: शरै:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली कर्ण ने अपने उत्तम विजय नामक धनुष को हिलाकर धृष्टद्युम्न के धनुष और उसके विषैले सर्प के समान विषैले बाणों को काट डाला। फिर क्रोध में भरकर उसने धृष्टद्युम्न को नौ बाणों से घायल कर दिया।
 
Then the mighty warrior Karna shook his excellent bow named Vijaya and cut off Dhrishtadyumna's bow and his arrows which were as poisonous as those of a poisonous snake. Then, filled with anger, he wounded Dhrishtadyumna with nine arrows. 8-9.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)