Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.59.54: वे सुनहरे बाण गाण्डीव धनुष से बड़े वेग से छोड़े गए और अश्वत्थामा के शरीर में उसी प्रकार प्रवेश कर गए, जैसे कोई सर्प बिल में प्रवेश कर जाता है।   |   mahabharat अध्याय 8.59: धृष्टद्युम्न और कर्णका युद्ध, अश्वत्थामाका धृष्टद्युम्नपर आक्रमण तथा अर्जुनके द्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा और अश्वत्थामाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 59: धृष्टद्युम्न और कर्णका युद्ध, अश्वत्थामाका धृष्टद्युम्नपर आक्रमण तथा अर्जुनके द्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा और अश्वत्थामाकी पराजय  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  8.59.54 
ते शरा हेमविकृता गाण्डीवप्रेषिता भृशम्।
द्रौणिमासाद्य विविशुर्वल्मीकमिव पन्नगा:॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
वे सुनहरे बाण गाण्डीव धनुष से बड़े वेग से छोड़े गए और अश्वत्थामा के शरीर में उसी प्रकार प्रवेश कर गए, जैसे कोई सर्प बिल में प्रवेश कर जाता है।
 
Those golden arrows, shot with great force from the Gāṇḍīva bow, reached Ashvatthāma and entered his body just as a serpent enters a hole.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)