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mahabharat 8.59.51: भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा चलाए हुए चन्द्रमा के समान श्वेत घोड़े अश्वत्थामा के रथ की ओर इस प्रकार दौड़े मानो वे आकाश को पी रहे हों ॥51॥   |   mahabharat अध्याय 8.59: धृष्टद्युम्न और कर्णका युद्ध, अश्वत्थामाका धृष्टद्युम्नपर आक्रमण तथा अर्जुनके द्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा और अश्वत्थामाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 59: धृष्टद्युम्न और कर्णका युद्ध, अश्वत्थामाका धृष्टद्युम्नपर आक्रमण तथा अर्जुनके द्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा और अश्वत्थामाकी पराजय  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  8.59.51 
ते हयाश्चन्द्रसंकाशा: केशवेन प्रचोदिता:।
आपिबन्त इव व्योम जग्मुर्द्रौणिरथं प्रति॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा चलाए हुए चन्द्रमा के समान श्वेत घोड़े अश्वत्थामा के रथ की ओर इस प्रकार दौड़े मानो वे आकाश को पी रहे हों ॥51॥
 
The moon-white horses, driven by Lord Krishna, ran towards Ashvatthama's chariot as if they were drinking the sky. ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)