Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.59.3-4: भरत! जब रक्त जल की भाँति बहने वाला भयंकर युद्ध छिड़ गया और संशप्तक वंश के केवल कुछ ही वीर योद्धा शेष रह गए, तब धृष्टद्युम्न ने समस्त राजाओं के साथ मिलकर कर्ण पर आक्रमण किया। महाराज! अन्य पाण्डव योद्धाओं ने भी उसका साथ दिया॥3-4॥   |   mahabharat अध्याय 8.59: धृष्टद्युम्न और कर्णका युद्ध, अश्वत्थामाका धृष्टद्युम्नपर आक्रमण तथा अर्जुनके द्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा और अश्वत्थामाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 59: धृष्टद्युम्न और कर्णका युद्ध, अश्वत्थामाका धृष्टद्युम्नपर आक्रमण तथा अर्जुनके द्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा और अश्वत्थामाकी पराजय  »  श्लोक 3-4
 
 
श्लोक  8.59.3-4 
तस्मिन् प्रवृत्ते संग्रामे तुमुले शोणितोदके।
संशप्तकेषु शूरेषु किंचिच्छिष्टेषु भारत॥ ३॥
धृष्टद्युम्नो महाराज सहित: सर्वराजभि:।
कर्णमेवाभिदुद्राव पाण्डवाश्च महारथा:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
भरत! जब रक्त जल की भाँति बहने वाला भयंकर युद्ध छिड़ गया और संशप्तक वंश के केवल कुछ ही वीर योद्धा शेष रह गए, तब धृष्टद्युम्न ने समस्त राजाओं के साथ मिलकर कर्ण पर आक्रमण किया। महाराज! अन्य पाण्डव योद्धाओं ने भी उसका साथ दिया॥3-4॥
 
Bhaarat! When the fierce battle broke out where blood was shed like water and only a few brave warriors of the Sanshpatak clan were left, Dhrishtadyumna along with all the kings attacked Karna. Maharaj! Other Pandava warriors also supported him.॥ 3-4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)