श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 59: धृष्टद्युम्न और कर्णका युद्ध, अश्वत्थामाका धृष्टद्युम्नपर आक्रमण तथा अर्जुनके द्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा और अश्वत्थामाकी पराजय  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  8.59.2 
तत: प्रववृते भीम: संग्रामो लोमहर्षण:।
कर्णस्य पाण्डवानां च यमराष्ट्रविवर्धन:॥ २॥
 
 
अनुवाद
उस समय कर्ण और पाण्डवों के बीच भयंकर एवं रोमांचकारी युद्ध प्रारम्भ हो गया, जो यमराज के राज्य की वृद्धि करने वाला था।
 
At that time a fierce and thrilling battle began between Karna and the Pandavas, which was going to increase the kingdom of Yamaraja.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)