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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 58: अर्जुनका श्रीकृष्णसे युधिष्ठिरके पास चलनेका आग्रह तथा श्रीकृष्णका उन्हें युद्धभूमि दिखाते और वहाँका समाचार बताते हुए रथको आगे बढ़ाना
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श्लोक 5
श्लोक
8.58.5
त्रिभागश्चावशिष्टोऽयं दिवसस्य जनार्दन।
न च मां धार्तराष्ट्रेषु कच्चिद् युध्यति संयुगे॥ ५॥
अनुवाद
जनार्दन! इस सम्पूर्ण दिन के केवल ये तीन भाग शेष हैं। दुर्योधन की सेना में से कोई भी मेरे साथ युद्ध नहीं कर रहा है।' ॥5॥
Janardan! Only these three parts of this entire day are left. No one from Duryodhan's army is fighting with me.' ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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