Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.58.38-39h: अर्जुन! बहुत से योद्धा जल लेने गए और इस बीच अनेक वीर योद्धाओं ने अपने प्राण त्याग दिए। जब वे वीर योद्धा जल लेकर लौटे, तो उन्होंने अपने सगे-संबंधियों को अचेत देखकर जल वहीं फेंक दिया और एक-दूसरे पर चिल्लाते हुए चारों दिशाओं में भागने लगे। 38 1/2 | mahabharat अध्याय 8.58: अर्जुनका श्रीकृष्णसे युधिष्ठिरके पास चलनेका आग्रह तथा श्रीकृष्णका उन्हें युद्धभूमि दिखाते और वहाँका समाचार बताते हुए रथको आगे बढ़ाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जलार्थं च गता: केचिन्निष्प्राणा बहवोऽर्जुन।
संनिवृत्ताश्च ते शूरास्तान् वै दृष्ट्वा विचेतस:॥ ३८॥
जलं त्यक्त्वा प्रधावन्ति क्रोशमाना: परस्परम्।
अनुवाद
अर्जुन! बहुत से योद्धा जल लेने गए और इस बीच अनेक वीर योद्धाओं ने अपने प्राण त्याग दिए। जब वे वीर योद्धा जल लेकर लौटे, तो उन्होंने अपने सगे-संबंधियों को अचेत देखकर जल वहीं फेंक दिया और एक-दूसरे पर चिल्लाते हुए चारों दिशाओं में भागने लगे। 38 1/2
Arjuna! Many warriors went to fetch water, and in the meantime many brave warriors lost their lives. When those brave warriors returned with water, they saw their relatives unconscious, threw the water there and started running in all directions screaming and shouting at each other. 38 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥