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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 58: अर्जुनका श्रीकृष्णसे युधिष्ठिरके पास चलनेका आग्रह तथा श्रीकृष्णका उन्हें युद्धभूमि दिखाते और वहाँका समाचार बताते हुए रथको आगे बढ़ाना
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श्लोक 37
श्लोक
8.58.37
अपरे तत्र तत्रैव परिधावन्ति मानवा:।
ज्ञातिभि: पतितै: शूरैर्याच्यमानास्तथोदकम्॥ ३७॥
अनुवाद
‘युद्धभूमि में गिरे हुए अन्य बहुत से सैनिक अपने वीर सम्बन्धियों के कहने पर जल के लिए इधर-उधर दौड़ रहे हैं ॥37॥
‘Many other soldiers who had fallen on the battlefield are running here and there on the request of their valiant relatives for water.॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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